बोझ

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); पहाड़ी रास्ते से ऊपर जा रहा था। रास्ता बड़ा घुमावदार और पथरीला था। चढ़ाई भी काफी थी। अतः उस बूढ़े आदमी के लिए पहाड़ चढ़ना आसान नहीं बल्कि बड़ा मुश्किल प्रतीत हो रहा था। कुछ दूरी तय करने के बाद वो इधर उधर विश्राम करने की जगह ढूंढने लगा और एक पेड़ के नीचे सुस्ताने लगा। तभी उसने एक लड़की को देखा जो आगे-आगे जा रही थी और उसकी कमर पर एक पोटली बंधी थी जिसमें, उस लड़की ने एक छोटे लड़के को बांधकर कमर पर लाद रखा था। वो लड़की भी थोड़ा विश्राम करने के लिए रुकी और ये बूढ़ा आदमी जल्दी से उसके पास पहुंच गया। पूरी तरह थका हुआ बूढ़ा आदमी उस लड़की के बगल में बैठ गया और उसने राहत की सांस ली। सुस्ताते हुए वो उस लड़की से बोला-तुम तो मेरे से भी ज्यादा थक गई होगी, तुमने ये बोझ जो उठा रखा है? बूढ़े आदमी पर बजाए सहानुभूति प्रकट करने के एवज में जोर से चिल्लाई-तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई इसे बोझ कहने की ? ये मेरा भाई है और भाई कभी बोझ नहीं होता। लड़की का गुस्सा देखकर बूढ़ा आदमी चुप हो गया और समझ गया कि लड़की अपने भाई को बहुत प्यार करती है। प्यार में कोई बोझ नहीं लगता। एक मां 12-15 किलो के बच्चे को उठाए-उठाए फिरती है, बाजार ले जाती है, घुमाने ले जाती है। लेकिन 12 किलो का कनस्तर उठाने में जोर आ जाता है। क्योंकि कनस्तर से उसका प्यार नहीं होता। जहां प्यार होता है वहां कोई बोझ बोझ नहीं लगता।

script type="text/javascript" src="https://udbaa.com/bnr.php?section=General&pub=284691&format=300x250&ga=g"></script>
<noscript><a href="https://yllix.com/publishers/284691" target="_blank"><img src="//ylx-aff.advertica-cdn.com/pub/300x250.png" style="border:none;margin:0;padding:0;vertical-align:baseline;" alt="ylliX - Online Advertising Network" /></a></noscript>

Comments

Popular posts from this blog

भारत के रहस्यमयी मंदिर: ऐसे चमत्कारी धाम जिनके रहस्य आज भी अनसुलझे हैं

दुनिया के सबसे बड़े अजूबे जिन पर यकीन करना मुश्किल है

सुबह उठते ही ये संकेत दिखें तो समझिए भाग्य खुलने वाला है